Monday, 30 May 2016

गर्मी में हो सकता है टायफाइड



लखनऊ। टायफाइड एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पहले रोगी को तेज बुखार आता है और वो लगातार कई दिनों तक बना रहता है। यह बुखार कम-ज्यादा होता रहता है, लेकिन कभी सामान्य नहीं होता। टायफाइड का इन्फेक्शन होने के एक सप्ताह बाद रोग के लक्षण नजर आने लगते हैं।

टायफाइड के लक्षण और उपचार के बारे में लखनऊ के डॉ एमए खान बता रहे हैं-

कैसे फैलती है बीमारी

टायफाइड का कारण ‘साल्मोनेला टाइफी’ नामक बैक्टीरिया का संक्रमण होता है। साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया केवल मानव में छोटी आंत में पाए जाते हैं। ये मल के साथ निकल जाते हैं, जब मक्खियां मल पर बैठती हैं तो बैक्टीरिया इनके पांव में चिपक जाते हैं और जब यही मक्खियां खाद्य पदार्थों पर बैठती हैं, तो वहां ये बैक्टीरिया छूट जाते हैं। इस खाद्य पदार्थ को खाने वाला व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ जाता है। शौच के बाद संक्रमित व्यक्ति का हाथ ठीक से न धोना और भोजन बनाना या भोजन को छूना भी रोग फैला सकता है।

लक्षण

    सामान्य से तेज़ बुखार, तापमान एक सा नहीं रहना
    पेट दर्द रहना
    थकान होना
    मल का रंग बदलना
    ध्यान केंद्रित ना कर पाना
    कमज़ोरी रहना

टायफाइड से बचाव

सफाई से बना हुआ खाना खाएं और खाना खाने और खाना बनाने से पहले ठीक तरह से हाथ धुलें। पीने के लिए साफ पानी का ही प्रयोग करें। पहले से कटे हुए फल ना खाएं। इस रोग का उपचार एंटीबॉयोटिक्स द्वारा सरलता से हो सकता है, बशर्ते समय पर इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जाए। बुखार ठीक हो जाने पर भी एंटीबायोटिक्स का कोर्स 10 से 14 दिनों तक अवश्य पूरा करें क्योंकि इसमें ठीक होने के बाद रोग दोबारा होने की संभावना रहती है। टायफाइड का टीका दो वर्ष की उम्र के बाद प्रत्येक तीन साल पर गर्मी शुरू होने के पहले ही लगवा लेना चाहिए।

घरेलू इलाज

    पान का रस, अदरक का रस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम पीने से आराम मिलता है।
    यदि जुकाम या सर्दी-गर्मी में बुखार हो तो तुलसी, मुलेठी, गाजवां, शहद और मिश्री को पानी में मिलाकर काढा बनाएं और पिएं। इससे जुकाम सही हो जाता है और बुखार भी जल्दी ही उतर जाता है।
    इसके लिए 20 तुलसी की पत्तियां, 20 काली मिर्च, थोड़ी सी अदरक, जरा सी दालचीनी को पानी में डालकर खूब खौलाएं। अब इस मिश्रण को आंच से उतारकर छानें और इसमें मिश्री या चीनी मिलाकर गर्म-गर्म पिएं।
    बुखार में रोगी को ज्यादा से ज्यादा आराम की जरूरत होती है। भोजन का खास ख्याल रखें। बुखार होने पर दूध, साबूदाना, चाय, मिश्री आदि हल्की चीजें खाएं। पानी खूब पिएं और पीने के पानी को पहले गर्म करें और उसे ठंडा होने के बाद पिएं।
    तेज बुखार आने पर माथे पर ठंडे पानी का कपड़ा रखें तो बुखार उतर जाता है और बुखार की गर्मी सिर पर नहीं चढ़ती है।
    घरेलू दवाओं से यदि आपको आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उसके निर्देशानुसार इलाज करवाएं।






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