श्वित्र (धवल रोग) :हीन भावना प्रदायक सफेद दाग घरेलू उपचार
श्वित्र रोग के उपचार में बाकुची नामक औषधि प्रमुख है। इसका सेवन खाने और बाहरी लेप दोनों तरह से किया जा सकता है जो लाभकारी है। बाकुची तेल का लेप कर सुबह या शाम को सूर्य की किरणों को त्वचा पर १० मिनट तक पड़ने दें। इसके फलस्वरूप त्वचा पर फोडे+ हो जाते हैं। उन फोड़ों को कांटे से भेद कर सफेद त्वचा निकाल देनी चाहिए। घाव पर नीम का तेल लगाने से त्वचा का प्राकृतिक वर्ण उभर आता है। यह उपचार चिकित्सक की देख रेख में करें।
गूलर से बना ÷उदंबर अवलेह÷ एक चम्मच की मात्रा मे प्रातः एक बार रोगी को खिलाना चाहिए। इससे भी श्वित्र रोग में सुधार होता है और सफेद दाग धीरे-धीरे मिट जाते हैं।
अंजीर के पत्तों का रस या दूध लगाने से भी शरीर के सफेद दाग दूर हो जाते हैं।
नीम के पत्ते और हरा या सूखा आंवला प्रातः सूर्य उदय के पूर्व, जल में पीस कर पीने से सफेद दाग दूर हो जाते हैं।
खैरसार और आंवले के साथ बाकुची के बीजों का चूर्ण मिला कर सेवन करने से सफेद दाग मिट जाते हैं।
करंज के बीज, हल्दी, हरड़ और राई को बराबर मात्रा में पीस कर लेप करें। सफेद दाग दूर होंगे।
कमेर, अडूसे की पत्ती, करंज, नीम और क्षतिवन की छाल बराबर मात्रा में तथा दस ग्राम कत्था पांच किलो पानी में उबालें। इस पानी को छान कर दिन में एक गिलास पीने से सफेद दाग दूर होते हैं।
मिलावा त्वचा रोगों की एक बहु उपयोगी औषधि है, जिसके सेवन से श्वित्र रोग और कफ-वात से उत्पन्न सभी रोगों में आराम मिलता है। इस औषधि का उपयोग अच्छे चिकित्सक की देख रेख में करना उचित होगा।
तंबाकूू के बीजों का तेल लगाने से सफेद दाग दूर होते हैं।
२५ ग्राम महातिक्त सुबह-शाम इस्तेमाल करने से श्वित्र रोग दूर होता है।
उपर्युक्त सभी उपचारों में परहेज की आवश्यकता है। भोजन में तेज मसाले और तामसिक आहार न लें और हरी सब्जियों का प्रयोग करें। तली तथा जली हुई चीजें न खाएं। उबला और सादा भोजन लाभकारी होता है।
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